बुधवार, 25 अक्टूबर 2017

युवक की लाश मिलने से नगर में फैली सनसनी..पुलिस जुटी जांच में

युवक की लाश मिलने से नगर में फैली सनसनी..पुलिस जुटी जांच में
                           संजय जायसवाल

मुंगेली...सिटी कोतवाली क्षेत्र के बड़ा बाजार इलाके में एनीकेट के पास एक युवक की लाश मिलने से आस पास सनसनी फैल गयी लाश मिलने की खबर लगते ही वहां भारी संख्या में लोग जमा हो गए वही कुछ लोगो के द्वारा इसकी सुचना पुलिस को दी जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगो की मदद से लाश को एनीकेट से बाहर निकाला और मृतक के बारे में लोगो से जानकारी ली जिसके बाद युवक की पहचान बलानी चौक विवेकानंद वार्ड का रहने वाले गोपाल देवांगन पिता कैलाश देवांगन उम्र 34 के रूप में हुयी जिस पर पुलिस ने परिजनों को इसकी सुचना दी और परिजनों की मौजूदगी में लाश का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है इस बारे में पुलिस ने बताया कि मृतक के बारे में परिजनों से पूछताछ की गयी तो परिजनों के अनुसार मृतक कल शाम को अपने घर से घूमने के लिए निकला था जो रात तक घर नहीं पहुंचा और आज सुबह उसकी लाश एनीकेट में पायी गयी है पुलिस का ये भी कहना है कि मृतक युवक यहाँ कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन कारणों से हुयी है इन सभी विषयो पर जाँच की जाएगी साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का खुलासा हो पायेगा।

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017

डेंगू , चिकनगुनिया से क्या घबराना स्मार्ट फोन है ना


डेंगू , चिकनगुनिया से क्या घबराना स्मार्ट फोन है ना


अब डेंगू, चिकनगुनिया की रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा, मात्र तीस मिनट में स्मार्टफोन से इस बीमारी की जांच की जा सकेगी। पिछले काफी समय से डेंगू, चिकनगुनिया की वजह से न जाने कितने लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे है। सबसे बड़ी समस्या ये है कि इन बीमारियों का पता लगने में भी काफी समय लग जाता है, क्योंकि जो टेस्ट हॉस्पिटल में किए जाते हैं, उनकी रिपोर्ट आने में एक दो तीन का समय लग जाता है।

डेंगू, चिकनगुनिया और जीका से प्रभावित लोग हर देश में मिल जाएंगे। अभी इन बीमारियों का इलाज भी इतना सस्ता नहीं है कि हर आदमी करा सके। मगर अब इस बीमारी का पता सिर्फ तीस मिनट में लग जाएगा। हाल ही हुई एक रिसर्च में एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो आपके स्मार्टफोन से कनेक्ट हो जाएगा, जिसे स्मार्टफोन से कंट्रोल किया जा सकता है और यह बैटरी से चलेगी।महज 30 मिनट में ही यह पता लगाया जा सकता है कि आपको डेंगू, चिकनगुनिया या जीका तो नहीं है। सबसे खास बात है इसकी कीमत जिसे कोई भी आसानी से खरीद सकता है। इसकी कीमत 100 अमेरिकी डॉलर (करीब 6800 रुपए) है।

इस डिवाइस को बनाने वाली टीम में एक भारतीय मूल का भी रिसर्चर शामिल है। अभी इस तरीके के वायरस का पता लगाने के लिए एक लेबोरेट्री की जरूरत पड़ती है। उसमें भी बड़ी मशीनों की जरूरत होती है और उनकी कीमत लाखों रुएए होती है।अमेरीका की सैंडिया नेशनल लेबोरेटरीज के आशीष प्रिय ने बताया कि हम एक ऐप भी तैयार कर रहे हैं जिससे अभी चल रहे टेस्टिंग के तरीकों को भी बदला जा सकेगा। हम स्मार्टफोन के कैमरा सेंसर से ही लेबोरेट्री में सेंपल के तरीके को बदल देंगे। इसके बाद सेंपल को लैब में लेकर नहीं जाना पड़ेगा। सिर्फ स्मार्टफोनके कैमरे से ही सेंपल चले जाएंगे।

महिला एएसआई ने हवलदार पर लगाया दुष्कर्म का आरोप

महिला एएसआई ने हवलदार पर लगाया दुष्कर्म का आरोप

बिलासपुर। रतनपुर थाने में पदस्थ हवलदार पर महिला एएसआई ने दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। एसपी ने हवलदार को लाइन अटैच कर दिया है।

हवलदार संजय श्रीवास्तव रतनपुर थाने में पदस्थ है। वहीं एसपी ऑफिस में महिला एएसआई के पद पर कार्यरत है। महिला ने पुलिस अफसरों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है कि हवलदार संजय श्रीवास्तव पिछले दो साल से उसका शारीरिक शोषण कर रहा है।  शादी कर पत्नी बनाने का झांसा दिया। महिला एएसआई उसके झांसे में आ गई। दो दिन पहले पीड़िता एसपी मयंक श्रीवास्तव के पास शिकायत लेकर पहुंची। उन्होंने शिकायत पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। उनके संज्ञान में मामला सामने आने के बाद आरोपी हवलदार को लाइन अटैच कर दिया है। हालांकि,आदेश में प्रशासनिक दृष्टिकोण से लाइन अटैच करने का उल्लेख किया गया है। एसपी श्री श्रीवास्तव ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा को दी। जांच के बाद आरोपी हवलदार पर वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। इस मामले में महिला की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई नहीं करने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगा है। इस मामले में हवलदार संजय श्रीवास्तव का पक्ष जानने के लिए उससे भी संपर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन, उसका मोबाइल बंद मिला।
रतनपुर थाने में पदस्थ हवलदार संजय श्रीवास्तव का नाम प्रमोशन सूची में है। उसने एएसआई बनने के लिए प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। अब दैहिक शोषण का मामला सामने आने के बाद उसकी पदोन्नति प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, अभी उसके खिलाफ लगे आरोपों पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
बताते हैं कि यहां जानकारी पत्नी व बच्चों तक पहुंचने के बाद ही महिला से संबंधों में दरार आई। यह बात एएसआई को नागवार गुजरी और उसने इस मामले की शिकायत विभागीय अफसरों से कर दी। सूत्रों से मिली जानकारी से पता चला कि पुलिस अफसरों ने इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय प्रकरण को दबाने की कोशिश की। इस बीच शिकायत वापस लेने के लिए महिला पर दबाव बनाने की कोशिश भी की गई। आखिरकार तंग आकर पीड़ित महिला को शिकायत लेकर एसपी के पास जाना पड़ा।
फिर भी इस गंभीर मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है। महिला एएसआई ने हवलदार पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। दोनों के बीच आपसी सहमति पर संबंध था। संबंधों में तकरार होने के बाद महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभी दुष्कर्म का मामला दर्ज नहीं किया गया है।
अर्चना झा, एडिशनल एसपी ग्रामीण

सोमवार, 23 अक्टूबर 2017

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभारी जिले में..स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभारी जिले में..स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल

                     मुंगेली..संजय जायसवाल

मुंगेली...जिले का सबसे बड़ा अस्पताल कहलाने वाला जिला चिकित्सालय अपने लचर अर्थ व्यवस्था के चेलते रेंग रेंग कर चलने को मजबूर है प्रदेश सरकार द्वारा जिले को चिकित्सा लाभ देने के मकसद से करोड़ो रुपयो की लागत से भवन का निर्माण करा तो दिया लेकिन इस जिला अस्पताल को जरूरत के हिसाब से संसाधन देना भूल गयी यही वजह है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रो से आये हुए ग्रामीण बेहतर ईलाज की आश में यहां पहुंचते है लेकिन यहाँ आम लोगो के  तकलीफों के हिसाब से स्पेशलिस्ट नही होने के चलते उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है यहां तो दुर्घटना ग्रस्त जोभी पीड़ित पहुंचते है उन्हें ईलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करते हुए सीधे बिलासपुर के सिम्स रिफर कर दिया जाता है आम लोगो का कहना है कि जिस जिले का प्रभारी खुद प्रदेश का स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर हो जो प्रदेश में अपने तेज तर्रार अंदाज के लिए जाने जाते है उस जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ जिले के रहवासियों को नही मिल पाना शासन की कार्यप्रणाली पर सवालियां निशान उठा रहा है यहां के आम नागरिकों के द्वारा जिला बनने के बाद से ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की मांग करती आई है आज के समय मे जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में महिला डॉक्टर की कमी सबसे ज्यादा खलती है यहां पर महिला उत्पीड़िन या महिलाओ से सम्बंधित कोई भी मामला आता है तो महिला डॉक्टर की कमी के चलते पीड़ित को कई अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते है कि बार तो ऐसे हालात बने है कि जिला अस्पताल के मामले को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजा गया है जिसके चलते पुलिस प्रशासन सहित पीड़ित को भी भारी कष्टों का सामना करना पड़ा है आम लोगो के द्वारा यहां के अर्थ व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और अगर आगे भी यही हालात रहे तो कभी भी आम लोगो का गुस्सा फूट सकता है यहां के स्थानीय जनप्रीतिनिधियो की उदासीनता के चलते जिला बनने के 6 साल बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर आमलोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है जिससे के प्रदेश शासन की छवि आम लोगो के सामने धूमिल हो रही है अगर ऐसे ही चलता रहा तो आने वाले आम चुनावों में आम जनता अपना आक्रोश शासन के विरुद्ध जता सकती है जिसका एक बड़ा नुकसान मौजूदा प्रदेश सरकार को उठाना पड़ सकता है।

अब ऐसी दिखती है पारले जी बिस्किट वाली चार साल की लड़की

अब ऐसी दिखती है पारले जी बिस्किट वाली चार साल की लड़की

हम लोग बचपन से पारले जी बिस्किट खाते आ रहे है। लेकिन इस बिस्किट के पेकिट पर हमेशा से हम एक ही लड़की की तस्वीर देखते है। सबके दिमाग में एक ही सवाल घूमता है कि आखिर ये लड़की है कौन है? इस बिस्किट का ब्रांड 60 के दशक का है और आज भी यह ब्रांड इंडिया का लोकप्रिय ब्रांड है। आइए आज हम आपको बताते हैं की यह लड़की कौन हैं और अब कैसी दिखतीं है।दरअसल पारले जी बिस्किट के पैकेट पर जिस लड़की की फोटो दिखती है, वह सुधा मूर्ति की है। सुधा मूर्ति जब 4 साल की थीं तो उनके पापा ने यह फोटो खींची थी। इस फोटो को पारले जी कंपनी ने अपने ब्रांड के बिस्किट के लिए चुन लिया।

इस समय सुधा मूर्ति 65 साल की हो गयी हैं । यह पहली बार हुआ है कि पिछले 60 सालों से किसी ब्रांड के लिए एक ही फोटो लगी हुई है। आज 60 सालों के बाद बी सुधा मूर्ति की वही बचपन वाली फोटो पारले जी की पहचान बनी हुई है। वही फेसबुक पर दी जा रही जानकारी के अनुसार तस्वीर में आई उस बच्ची का नाम नीरू देशपाण्डे बताया जा रहा है। जो नागपुर की रहनेवाली है और यही नीरू देशपाण्डे ने पारले जी में मॉडल‍िंग कर तस्वीर दी थी, जो आज तक पारले की पहचान है। जब उनकी यह तस्वीर दी गई थी, तब वे 4 साल 3 महीने की थीं।

इन उड़ती खबरों को जानकर पारले-जी के ग्रुप प्रॉडक्ट मैनेजर रहे मयंक शाह का कहना है कि पारले में दिखाई जाने वाली तस्वीर काल्पनिक है जिसे एवरेस्ट क्रिएटिव नाम की कंपनी ने इसे बनाकर पारले कंपनी को दी थी, जो वहां के मैनेजमेंट को काफी पसंद आयी और इसी के चलते इसे बिस्किट के रैपरों पर लगा दिया गया। अब सच्चाई क्या है वो पारले की कपंनी वाले या फिर नागपुर की रहने वाली नीरू देशपांडे ही बता सकती है।

जानिए 24 अक्टूबर के रोचक इतिहास के बारें में…

जानिए 24 अक्टूबर के रोचक इतिहास के बारें में…


भारतीय और विश्व इतिहास में 24 अक्टूबर की प्रमुख घटनायें इस प्रकार हैं…


1577 – चौथे सिख गुरु रामदास ने अमृतसर शहर की स्थापना की, शहर का नाम तालाब अमृत सरोवर के नाम पर रखा गया।


1579 – जेसुइट पादरी एस जे थामस भारत आने वाले पहले अंग्रेज थे,वह पुर्तग़ाली नौका से गोवा पहुंचे।


1605 – मुग़ल शासक जहाँगीर ने आगरा में गद्दी संभाली।


1657 – कल्याण और भिवंडी मुगल शासन के आधीन आए।


1945 – द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के एक महीने बाद ही विश्व में शांति कायम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) की स्थापना की गई।


1946 – रॉकेट द्वारा पहली बार धरती का अंतरिक्ष से चित्र लिया गया।


1947 – जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तानी कबाइलियों ने हमला किया।


1948 – बर्नार्ड बारूक ने सीनेट युद्ध की जांच समिति के समक्ष एक भाषण में पहली बार‘शीत युद्ध’शब्द का इस्तेमाल किया।


1975 – बंधुआ मजदूर प्रथा को समाप्त करने के लिए एक अध्यादेश लाया गया और अगले दिन से यह प्रभाव में आ गया।


1982 – सुधा माधवन मैराथन में दौडऩे वाली पहली महिला एथलीट बनी।



1984 – कोलकाता में एस्प्लेनेड और भवानीपुर के बीच पहली मेट्रो ट्रेन (भूमिगत ट्रेन) शुरु।


2000 – दक्षिण कोरिया द्वारा लम्बी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण न करने की घोषणा।


2001 – नासा के 2001 मार्स ओडिसी अंतरिक्ष यान ने सफलतापूर्वक मंगल ग्रह के चारों ओर कक्षा में प्रवेश किया।


2004 – ब्राजील ने अंतरिक्ष में पहला सफल राकेट का परीक्षण किया।


2005 – न्यूजीलैंड-भारत नया हवाई सेवा समझौता करने पर सहमत।

लाखो रुपयो के गांजा के साथ आरोपी गिरफ्तार

 लाखो रुपयो के गाँजा के साथ आरोपी गिरफ्तार

मुंगेली...जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र के तेलियापुरान गांव में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी भूषण कश्यप के घर मे दबिश देकर आरोपी से घर के पीछे बाड़ी में छिपा कर रखे 27 कि गांजा बरामद किया है और आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट की धारा 28 B के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी किया जा रहा है इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार आरोपी भूषण कश्यप पेशे से एक शिक्षक था जो बिलासपुर जिले के कोटा ब्लाक अंतर्गत आने वाले गोबरीपाट गांव के मॉडल स्कूल में छात्रों को संगीत की शिक्षा दिया करता था लेकिन साल 2014 में उसकी नौकरी जाने के बाद से वो परेशान रहने लगा और गलत लोगो की संगती में गाँजा सप्लाई का अवैध कारोबार में लिप्त हो गया जिसे आज पुलिस ने अवैध गाँजे के साथ रंगे हांथो गिरफ्तार कर उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया इस कार्यवाई में जरहागांव थाना प्रभारी एल. पी. पटेल, सब इंस्पेक्टर मणिराज तिवारी सहित थाना स्टॉप की अहम भूमिका रही है। पुलिस के अनुसार जप्त किये गए गाँजे की अनुमानित कीमत 1 लाख 24 हजार है

रविवार, 22 अक्टूबर 2017

PM मोदी ने इस बड़े नेता को दी अपनी छवि बर्बाद न करने की सलाह

PM मोदी ने इस बड़े नेता को दी अपनी छवि बर्बाद न करने की सलाह


विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की नेता आंग सान सू ची को सलाह दी थी कि वह रोहिंग्या मुद्दे पर अपनी छवि बर्बाद नहीं करें. सुषमा ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात के दौरान मोदी की इस सलाह का हवाला दिया.

बांग्लादेश-भारत संयुक्त सलाहकार आयोग की बैठक के बाद सुषमा ने हसीना से मुलाकात की.

हसीना के प्रेस सचिव अहसनुल करीम ने सुषमा के कथन का हवाला देते हुए बताया, प्रधानमंत्री मोदी ने सू ची कहा कि आपकी अंतरराष्ट्रीय छवि बहुत अच्छी  है, इस बर्बाद मत करिए. यह स्पष्ट नहीं है कि मोदी ने यह टिप्पणी कब की. बांग्लादेशी मीडिया की खबरों में दावा किया गया है कि मोदी ने पिछले महीने अपनी म्यांमार यात्रा के दौरान सू ची से मुलाकात के दौरान यह कहा था.

करीम ने कहा कि सुषमा ने बांग्लादेश के इस रुख का समर्थन किया कि म्यांमार को अपने नागरिकों को वापस लेना चाहिए और आतंकवाद से लड़ते समय निर्दोष लोगों को दंडित नहीं करना चाहिए.

शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि का पर्व है छठ

शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि का पर्व है छठ


छठ महापर्व शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि का पर्व है। वैदिक मान्यता है कि नहाए-खाए से सप्तमी के पारण तक उन भक्तों पर षष्ठी माता की कृपा बरसती जो श्रद्धापूर्वक व्रत करते हैं। सूर्य षष्ठी का व्रत आरोग्य की प्राप्ति, सौभाग्य और संतान के लिए रखा जाता है।
स्कंद पुराण के अनुसार राजा प्रियवृत ने भी यह व्रत रखा था। उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था। भगवान भास्कर से इस रोग की मुक्ति के लिए उन्होंने छठ व्रत किया था। स्कंद पुराण में प्रतिहार षष्ठी के तौर पर इस व्रत की चर्चा की गई है। वर्षकृत्यम में भी छठ की चर्चा है। सूर्य को अर्घ्य देने से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।
प्रकृति ही षष्ठी माता हैं। निसंतान को संतान देती हैं और संतान की रक्षा करती हैं। भगवान भास्कर की मानस बहन है षष्ठी देवी अथर्ववेद के अनुसार षष्ठी देवी भगवान भास्कर की मानस बहन हैं। प्रकृति के छठे अंश से षष्ठी माता उत्पन्न हुई हैं। उन्हें बच्चों की रक्षा करने वाले भगवान विष्णु द्वारा रची माया भी माना जाता है। इसीलिए बच्चे के जन्म के छठे दिन छठी पूजी जाती है, ताकि बच्चे के ग्रह-गोचर शांत हो जाएं। एक अन्य मान्यता के अनुसार कार्तिकेय की शक्ति हैं षष्ठी देवी।

ब्रह्मा की बेटी हैं छठ माता

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार छठ माता ब्रह्मा की बेटी हैं। इनका पालन-पोषण इंद्र देव ने किया। इन्होंने असुरों से देवताओं की रक्षा की, इसलिए उन्हें देवसेना भी कहा जाता है। छठ माता का विवाह भगवान शिव के बड़े पुत्र कार्तिकेय से हुआ। इसलिए कहा जाता है कि स्वर्ग, माता का मायका है और कैलाश में ससुराल। छठ माता सूर्य की किरणों की सवारी करती हैं। इस कारण उगते और डूबते सूर्य की आराधना से श्रद्धालुओं को छठी मइया की कृपा मिलती है।

खरना प्रसाद से दूर होते हैं कई कष्ट

चरक संहिता में बताया गया है कि खरना के प्रसाद में ईख के कच्चे रस, गुड़ के सेवन से त्वचा रोग, आंख की पीड़ा, शरीर के दाग-धब्बे समाप्त हो जाते हैं।

मरीजों को फीस का बिल नहीं देने वाले निजी डॉक्टरों की अब खैर नहीं

मरीजों को फीस का बिल नहीं देने वाले निजी डॉक्टरों की अब खैर नहीं


मरीजों को फीस (परामर्श शुल्क) का बिल नहीं देने वाले निजी डॉक्टरों की अब खैर नहीं। आयकर विभाग ने ऐसे डॉक्टरों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने राज्यों से डॉक्टरों का ब्योरा मांगा है। सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग ने हाल में एक बैठक कर सभी राज्यों से बिल नहीं देने वाले डॉक्टरों की विस्तृत जानकारी मांगी है। इस बैठक में केंद्रीय वित्तीय खुफिया विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, एसएफआईओ और राज्यों के वित्त अधिकारी मौजूद थे। आयकर विभाग का मानना है कि मरीजों को बिल नहीं देने वाले ज्यादातर निजी चिकित्सक सालाना आय की सही घोषणा नहीं करते और टैक्स की चोरी करते हैं। बता दें कि परामर्श सेवाओं को जीएसटी दायरे से भी बाहर रखा गया है। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, इनमें निजी क्लिनिक, निजी अस्पताल में सेवाएं देने वाले और पैथोलॉजी जांच केंद्र चलाने वाले चिकित्सक शामिल हैं। निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी में मरीजों को बिल मिलता है, जबकि क्लीनिक चलाने वाले अधिकतर बिल ही नहीं देते।

इसके मद्देनजर राज्यों से सूचनाएं जुटाई जा रही हैं जिसके बाद सख्त कदम उठाए जाएंगे। आयकर विभाग दवा कंपनियों और डॉक्टर के बीच कमीशनबाजी पर भी नकेल लगाने की तैयारी में है। दरअसल, दवा कंपनियां डॉक्टरों को भारी कमीशन देकर अपनी दवा मरीजों को बेचती है। ऐसे में कई बार मरीजों को डॉक्टरों द्वारा लिखी गई महंगी दवा खरीदनी पड़ती है। जबकि अन्य कंपनी की उसी सॉल्ट की दवा आधे या एक चौथाई दाम पर बाजार में मौजूद रहती है। आयकर कानून के तहत कर चोरी करने वालों के खिलाफ आयकर विभाग पुख्ता सबूत जुटाने  के बाद कार्यवाही शुरू कर सकता है। कर चोरी दंडनीय अपराध है और इसमें 3 माह से लेकर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

शनिवार, 21 अक्टूबर 2017

हार्दिक ने बोला कांग्रेस पार्टी में भाजपा से ज्यादा लोकतंत्र

हार्दिक ने बोला कांग्रेस पार्टी में भाजपा से ज्यादा लोकतंत्र

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गुजरात में नाटकीय घटनाक्रम में पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के जरूरी सहयोगी वरूण  रेशमा पटेल के सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होने के बाद हार्दिक के तेवर मुखर हो गए है।                                                                                                              हार्दिक पटेल ने निजी चैनल से वार्ता करते हुए कांग्रेस पार्टीके लिए नरम जबकि भाजपा के लिए गरम तेवर दिखाए इसके साथ ही हार्दिक ने कांग्रेस से पॉलिटिक्स में आने के न्यौते पर भी बात कीहार्दिक ने कहा, ‘कांग्रेस ने मुझे न्यौता दिया है लेकिन पॉलिटिक्स में नहीं आऊंगा, लेकिन हां भाजपा को हराने के लिए कार्य करूंगा ‘ इतना ही नहीं भाजपा को लेकर हार्दिक में इतना रोष है कि उन्होंने कह दिया कि ‘कांग्रेस, भाजपा से अच्छी पार्टी है ‘ हार्दिक ने बोला कांग्रेस पार्टी में भाजपा से ज्यादा लोकतंत्र है इसके अतिरिक्त अपने करीबी वरूण  रेशमा पर भी हार्दिक ने तीखा हमला किया हार्दिक ने अपने सबसे बड़े करीबी वरुण पटेल  रेशमा पटेल के भाजपा में शामिल होने पर बोला कि ‘वो गद्दार हैं, कल तक वो भाजपा को गाली देते थे अब उनको भाजपा ने खरीद लिया है ‘ हार्दिक ने बोला कि ‘वरुण  रेशमा को मिलाकर उनके चार लोग भाजपा में शामिल हुए उन्हें संभावना है कि कुछ  लोग भाजपा में जा सकते हैं ‘ इसके साथ ही ओबीसी पर बात करते हुए हार्दिक पटेल ने बोला है कि ओबीसी के लोग भी गरीब हैं उनका नुकसान नहीं होना चाहिए इसके लिए रास्ते निकाले जा सकते हैं जैसे राजस्थान में जाटों को आरक्षण दिया गया था ओबीसी का भी कोटा बढ़ाया जा सकता है ‘ आपको बता दें कि आज पीएम नरेन्द्र मोदी अक्टूबर महीने में तीसरी बार गुजरात दौरे पर हैं, वो आज सौराष्ट्र दक्ष‍िण गुजरात के घोघा  दाहेज के बीच ‘फेरी सेवा’ की आरंभ करेंगे इसे पीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट भी बताया जा रहा है

इन 12 फल-सब्ज़ियों में सबसे ज़्यादा चिपके रह जाते हैं कीटनाशक

इन 12 फल-सब्ज़ियों में सबसे ज़्यादा चिपके रह जाते हैं कीटनाशक



स्ट्रॉबेरीइमेज कॉपीरइट

सब्ज़ियों और फलों के बिना पौष्टिक आहार अधूरा माना जाता है. लेकिन उनकी सतह पर चिपके रह गए कीटनाशकों के अंश के बारे में ज़्यादा लोग नहीं जानते.
खेती के दौरान फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए अलग-अलग किस्म के कीटनाशक इस्तेमाल किए जाते हैं. उसके बाद सब्ज़ियां हमारे खाने की मेज़ तक पहुंचती हैं.
एक गैर-लाभकारी संगठन इन्वायर्नमेंटल वर्किंग ग्रुप (ईडब्ल्यूजी) ने अमरीका में 12 सबसे 'गंदी' सब्ज़ियों और फलों की सालाना सूची जारी की है.इनमें, स्ट्रॉबेरी, पालक, आड़ू, सेब, शफ़तालू, नाशपाती, चेरी, अंगूर, अजवाइन की पत्तियां, टमाटर, लाल मिर्च और आलू शामिल हैं.

कई तरह के कीटनाशक


फल- सब्ज़ियांइमेज कॉपीरइट

जहां तक स्ट्रॉबेरी का सवाल है, अमरीका के कृषि विभाग के हवाले से बीबीसी मुंडो को मिले आंकड़ों के मुताबिक, 2015 में स्ट्रॉबेरी के 706 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें से करीब 40 फीसदी में 70 अलग-अलग किस्म के कीटनाशक मिले थे.
यूरोप में यूरोपियन फूड सेफ्टी अथॉरिटी (एफ़्सा) ने इसी साल अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि 84 हज़ार से ज़्यादा खाने के नमूनों में से 43.9 फ़ीसदी में कीटनाशकों के अवशेष पाए गए. हालांकि उनकी मात्रा ख़तरनाक स्तर की नहीं थी.
हालांकि 'नो टॉक्सिंग टू द लिविंग सानो फाउंडेशन' के निदेशक कार्लोस डिप्राडा के मुताबिक, किस फल या सब्ज़ी में ज़्यादा कीटनाशक हो सकते हैं, इसका सामान्यीकरण करना संभव नहीं है.

दुनिया में एक सा नहीं कीटनाशकों का इस्तेमाल


कीटनाशकइमेज कॉपीरइट

जानाकर यह भी कहते हैं कि पूरी दुनिया में खाने की खपत और कीटनाशकों का इस्तेमाल एक जैसा नहीं है. कुछ कीटनाशक कुछ देशों में प्रतिबंधित हैं और कुछ में नहीं.
कुल मिलाकर अमरीका और यूरोप, दोनों जगह खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों की मात्रा काफी कम पाई गई है और वह तय सीमा से ज़्यादा नहीं है, लिहाज़ा अधिकारी इसे स्वास्थ्य के लिए ख़तरा नहीं मानते.
लेकिन स्वास्थ्य जगत के कुछ कार्यकर्ता इस बात से चिंतित हैं कि कम मात्रा में ही सही, लेकिन इतने तरह के कीटनाशकों के एक साथ संपर्क में आने से उसका 'कॉकटेल असर' हो सकता है, जो जोख़िम को बढ़ा देता है.
इस संबंध में हुए कुछ वैज्ञानिक शोधों के मुताबिक, कीटनाशक जैसे अलग-अलग ज़हरीले पदार्थों का मिश्रण प्रजनन क्षमता, वीर्य की गुणवत्ता और बच्चों में दिमाग़ के विकास को प्रभावित कर सकता है और और हॉर्मोन की समस्याएं भी पैदा कर सकता है.

तो कैसे हटाएं कीटनाशक


टमाटरइमेज कॉपीरइट

  • डि प्राडा के मुताबिक, ऑर्गेनिक फल सब्जियों का इस्तेमाल कीटनाशकों से बचने का सबसे प्रभावी रास्ता है. हालांकि वे जेब पर भारी पड़ सकते हैं और वे आसानी से हर जगह उपलब्ध भी नहीं हैं.
  • फल और सब्ज़ियों को रगड़ रगड़कर धोने से भी मदद मिलती है, हालांकि इससे कीटनाशक पूरी तरह ख़त्म नहीं होते. अमरीका में धुले हुए नमूनों की जांच के बाद ही बनाई गई सबसे गंदे फल-सब्ज़ियों की सूची बनाई गई.
  • फलों और सब्ज़ियों के छिलके को उतारकर भी कीटनाशकों की मात्रा कम की जा सकती है. हालांकि इससे फाइबर और दूसरे विटामिन के कम हो जाने का नुकसान भी है.

जजों, नेताओं और अफसरों पर बिना अनुमति मुकदमा नहीं, रिपोर्टिंग पर भी बैन

जजों, नेताओं और अफसरों पर बिना अनुमति मुकदमा नहीं, रिपोर्टिंग पर भी बैन


राजस्थान सरकार ने एक अध्यादेश पारित किया है जिसके तहत अधिकारियों, कार्यरत एवं सेवानिवृत्त जजों के खिलाफ वसुंधरा सरकार की अनुमति के बिना मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा सकता. इस अध्यादेश के मुताबिक, जांच की अनुमति मिलने तक मीडिया भी ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग नहीं कर सकेगा. कानून का उल्लंघन करने पर 2 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है.
राज्य में काम कर रहे अधिकारी राजे सरकार के इस अध्यादेश के बाद किसी भी संभावित कार्रवाई से इम्युन हो जाएंगे और इनके खिलाफ बिना अनुमति लिए कोई अदालती या पुलिस कार्रवाई नहीं की जा सकेगी.
7 सिंतबर को जारी द क्रिमिनल लॉ (राजस्थान अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस 2017 में मीडिया को भी ऐसे किसी आरोप की रिपोर्टिंग की इजाजत नहीं होगी जब तक कि संबंधित मामले में जांच के लिए मंजूरी नहीं दे दी जाती है.
अध्यादेश में अधिकारियों को 180 दिनों के लिए इम्युनिटी दी गई है. इसमें कहा गया है, 'कोई भी मजिस्ट्रेट किसी भी सेवानिवृत्त या कामकाजी जज या मजिस्ट्रेट के खिलाफ जांच का आदेश नहीं देगा.'
अध्यादेश के जरिए आपराधिक संहिता 1973 को संशोधित किया जाएगा और इसके साथ ही नौकरशाहों से जुड़े किसी भी मामले, उनका नाम, पता, फोटो या पारिवारिक जानकारी छापने की अनुमित नहीं होगी. इन नियमों का उल्लंघन करने वाले को दो सालों की सजा दिए जाने का प्रावधान रखा गया